भोपाल:- मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर गांधी प्रतिमा के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में किसानों की समस्याओं, खाद संकट, फसलों के उचित दाम और किसान विरोधी नीतियों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।विरोध प्रदर्शन में शामिल जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने भाजपा सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा केवल किसानों को झूठे आश्वासन और जुमले दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही है और टोकन व्यवस्था के नाम पर किसानों को घंटों और कई दिनों तक परेशान होना पड़ रहा है।
विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि प्रदेश के किसान आज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित किसान अपनी मांगों को लेकर पानी के बीच विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, यहां तक कि अर्थी पर लेटकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। यह किसानों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही लाखों किसानों का कर्ज माफ कर उन्हें बड़ी राहत प्रदान की थी। कांग्रेस सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए थे, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें समस्याओं के जाल में फंसा रही है।
कांग्रेस विधायकों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस विधानसभा से लेकर सड़क तक किसानों के हक की लड़ाई को और अधिक मजबूती से उठाएगी।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के अनेक विधायक एवं वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे और किसानों के समर्थन में एकजुट होकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

